जुज तेरे कोई भी दिन
रात ना जाने मेरे ,
तू कहाँ है मगर ऐ
दोस्त पुराने मेरे..!!!
मायूस हो गया हूँ मै
जिंदगी के इस सफर से ,
मकसद की मोहब्बत और
मतलब की दोस्ती ,,!!
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भूलकर भी हमसे हमसे
कोई भूल हो जाये
त उसे भूल समझकर
भुला देना ,
लेकिन भुलाना सिर्फ
भूल को
कभी हमे न भुला देना......
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शमा जिस आग में जलती
है नुमाईश के लिए,
हम इसी आग में
गुमनाम से जल जाते हैं,
जब आता है मेरा नाम
तेरे नाम के साथ,
जाने क्यूँ लोग मेरे
नाम से जल जाते हैं ?
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